आपकी याद आ रही है हमें

किस कदर ख़ुशियाँ साथ लाई है
देखिये आज ईद आई है
सबके चेहरों पे मुस्कुराहट है
आज ख़ुशियों के दिन की आहट है
पर मुझे कोई भी ख़ुशी ही नहीं
जैसे आँखों में रौशनी ही नहीं
सारे जज़्बे उदास  हैं मेरे
आप ही आस पास हैं मेरे
शफ़क़तों का अज़ीम साया थे
आप मेरे लिए तो क्या क्या थे
हर मसाईल का हल निकलता था
दर्दो ग़म का बदल निकलता था
प्यार से पास में बिठाते थे
फिर मुहब्बत बहुत लुटाते थे
मैं तो भटका हुआ था दुनिया में
मैंने क्या क्या किया था दुनिया में
हर ख़ता से बचा लिया मुझको
और अपना बना लिया मुझको
गन्दगी से मुझे निकाल दिया 
नेक रस्ते पे मुझको डाल दिया
सदका जारी था रहनुमाई का
वक़्त फिर आ गया जुदाई का
जो भी आया है उसको जाना है
क़ब्र ही आख़िरी ठिकाना है
आपसे आज कितनी दूरी है
ये भी अल्लाह की ही मर्ज़ी है
आपको कैसे भूल जायें हम 
ईद कैसे भला मनायें हम 
देखो कितना रुला रही है हमें
आपकी याद आ रही है हमें

आपकी याद आ रही हमें

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